फाल्ट आते ही दोनों उपकेंद्रों की बिजली बंद, 100 गांवों में आपूर्ति प्रभावित; उपभोक्ताओं ने अलग हाईटेंशन लाइन की मांग की
तमकुहीराज, कुशीनगर। पटहेरवा और सुमही विद्युत उपकेंद्रों को एक ही 33 हजार केवी हाईटेंशन लाइन से जोड़ने का खामियाजा दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि एक ही लाइन से दो उपकेंद्र संचालित होने के कारण लाइन में कहीं भी फाल्ट आने पर दोनों क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ती है। इससे करीब 100 गांवों के हजारों उपभोक्ताओं को लगातार बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, पटहेरवा विद्युत उपकेंद्र के लिए राजापाकड़ से 33 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन बनी हुई है। करीब एक वर्ष पहले सुमही विद्युत उपकेंद्र स्थापित होने के बाद उसे अलग 33 केवी लाइन देने के बजाय पटहेरवा उपकेंद्र को आपूर्ति देने वाली इसी लाइन से जोड़ दिया गया। इसके बाद से पटहेरवा क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने लगी है।

रोस्टिंग के साथ फाल्ट ने बढ़ाई परेशानी
उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग की ओर से रोस्टिंग के नाम पर प्रतिदिन करीब 8 से 10 घंटे बिजली कटौती की जा रही है। इसके अलावा लाइन या उपकेंद्र में फाल्ट होने पर 4 से 5 घंटे अतिरिक्त आपूर्ति बाधित रहती है। हल्की बारिश या तेज हवा चलने पर भी फाल्ट के कारण बिजली बंद होने की समस्या सामने आती है।
उपभोक्ताओं के अनुसार, बीते 24 घंटे में महज 3 से 4 घंटे ही बिजली मिल सकी। सोमवार शाम से पटहेरवा और सुमही उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही। लगातार कटौती से घरों के साथ-साथ दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
अलग 33 केवी लाइन बनाने की मांग
उपभोक्ताओं का कहना है कि सुमही उपकेंद्र को अलग 33 केवी हाईटेंशन लाइन से जोड़ा जाए। इससे किसी एक लाइन में फाल्ट आने पर दूसरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी और दोनों उपकेंद्रों पर निर्भर उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिल सकेगी।

अवर अभियंता ने माना, एक लाइन से आ रही तकनीकी समस्या
पटहेरवा विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता ने बताया कि एक ही 33 केवी लाइन से दोनों उपकेंद्र संचालित होने के कारण तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। लाइन में फाल्ट आने पर उसे ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल की जा रही है। उपभोक्ताओं ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए सुमही उपकेंद्र को अलग हाईटेंशन लाइन से जोड़ने की मांग की है।




