तमकुहीराज तहसील में सैकड़ों लोग पहुंचे, अर्धनग्न अवस्था में पहुंचा एक फरियादी; आयोग सदस्य को सौंपा ज्ञापन
तमकुहीराज, कुशीनगर। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य फुलबदन कुशवाहा के मंगलवार को तमकुहीराज तहसील में जनसमस्याओं की सुनवाई के लिए पहुंचने से पहले ही तहसील परिसर में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और फरियादी जुट गए। अपनी मांगों को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12:30 बजे प्रदर्शनकारियों के बीच एक फरियादी अर्धनग्न अवस्था में पहुंचा। उसके साथ मौजूद अन्य लोग सामान्य कपड़ों में थे।
प्रदर्शन के बाद लोगों ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य फुलबदन कुशवाहा को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की।
तहसील प्रशासन पर भेदभाव का आरोप
अटलनगर, सेराजनगर निवासी रामआशीष पुत्र गुलाबभगत ने आयोग सदस्य को दिए ज्ञापन में तहसील प्रशासन पर शिकायतों के निस्तारण में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कई मामलों में निष्पक्ष जांच किए बिना ही गलत अथवा भ्रामक रिपोर्ट लगाकर शिकायतों का निस्तारण कर दिया जाता है। इससे उन्हें लगातार न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

ज्ञापन में गाटा संख्या 450 से जुड़े विवाद की निष्पक्ष जांच कराने, गाटा संख्या 1447 (रास्ता) और 1033 (खलिहान) से कथित अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है। इसके अलावा गाटा संख्या 437 को कथित रूप से गिरवी रखने के मामले की जांच तथा संरक्षित कुएं में गंदा पानी डालकर उसे प्रदूषित किए जाने के मामले में कार्रवाई की मांग उठाई गई।
फरियादी ने संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
100 से अधिक बार जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत का दावा
रामआशीष ने दावा किया कि वह जनसुनवाई पोर्टल पर अपनी समस्या को लेकर 100 से अधिक बार शिकायत कर चुका है। इसके अलावा मुख्यमंत्री जनता दर्शन में भी 15 से अधिक बार शिकायत करने का दावा किया। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने भी तहसील प्रशासन पर शिकायतों के निस्तारण में भेदभाव और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।
दो दिन में समाधान कराने का निर्देश
प्रदर्शन के बाद आयोग सदस्य फुलबदन कुशवाहा को ज्ञापन सौंपा गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने एसडीएम कुणाल गौरव को संबंधित समस्याओं का दो दिन के अंदर समाधान कराकर अवगत कराने का निर्देश दिया।
आयोग सदस्य के निर्देश के बाद अब फरियादियों को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई होगी।



