
देवरिया।
गैंगरेप के फरार आरोपी को गौरीबाजार पुलिस ने शनिवार की देर रात उसके ननिहाल के पास के एक गांव से दबोच लिया। दो फरवरी को पेशी के दौरान वह दीवानी न्यायालय परिसर से फरार हो गया था। फरार होने के बाद से ही पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। पुलिस के साथ ही एसओजी की टीम को लगाया गया था। अभियुक्त के फरार होने के मामले में दरोगा समेत तीन पुलिस कर्मी और गैंगरेप आरोपी के विरुद्ध सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। यही नहीं तीनों पुलिसकर्मियों को भी लापरवाही बरतने के चलते लाइन हाजिर करते हुए मामले की जांच सीओ को सौंप दी गई है।
गौरीबाजार के पोखरभिंडा निवासी गोविन्द पुत्र स्व. शिव निषाद ने अपने दो साथियों के साथ गांव की एक सातवीं की छात्रा का अपहरण कर लिया था। पुलिस ने किशोरी को गोविन्द के घर से बरामद किया था। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराने और पीड़िता के बयान के आधार पर दर्ज मुकदमा में गैंगरेप, मारपीट, धमकी और पाक्सो की धारा बढ़ा कर जांच शुरु कर दिया। गौरीबाजार पुलिस ने 1 फरवरी को गोविन्द पुत्र रूव. शिव निषाद को उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस 2 फरवरी को आरोपी को लेकर देवरिया न्यायालय पहुंची थी। उसी दौरान वह पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। उसके फरार होने के बाद एसपी संकल्प शर्मा ने सख्त रुख को अपनाते हुए गिरफ्तारी करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही गौरीबाजार के थानेदार दिनेश कुमार मिश्र की तहरीर पर उप निरीक्षक राममूरत राम, हेड कांस्टेबल धर्मराज यादव और कांस्टेबल अशोक कुमार के साथ ही गैंगेरेप के आरोपी गोविंद के विरुद्ध सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। गौरीबाजार पुलिस और एसओजी की टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करने लगी। पुलिस ने युवक के रिश्तेदारों के यहां छापेमारी किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिला। शनिवार की देर रात को वह पैदल अपनी ननिहाल जा रहा था अभी वह सेखुई के बंगहा टोला पर ही पहुंचा था कि पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पुलिस ने इसके बारे में आलाधिकारियों को सूचना दिया। पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद गोविंद ने अपनी पहचान छुपाने के लिए चेहरे से दाढ़ी बनवा दिया था। इसके बाद भी वह पुलिस के हाथ लग गया। पकड़े जाने पर वह घर व परिवार की माली हालत की दुहाई देकर पुलिस के सामने गिड़गिड़ाने लगा था। पूछताछ के बाद गौरीबाजार पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया।
फरार होने के बाद पैसे के लिए किया पोलदारी
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस की गिरफ्त से फरार होने के बाद गोविंद कचहरी से सीसी रोड पहुंचा। यहां से वह पैदल ही अमेठी तिराहा पर गया। उसके पास न तो पैसे थे और न ही मोबाइल। एक टैंपो के पीछे खड़ा होकर देवरिया रामलक्षन मार्ग पर बर्दगोनिया चौराहे पर पहुंचा। वहां एक दुकान पर पल्लेदारी कर 20 रुपया पाया। उसके बाद उसने अपनी दाढ़ी बनवाया और फिर पैदल ही रामलक्ष्न चौराहा पर पहुंचा। चौराहे पर देर शाम तक घूमता रहा और रात को एक खंडहर में सो गया। सुबह उठा और अपने ननिहाल जाने के लिए निकला। वह ननिहाल पहुंच कर कुछ पैसे होने पर बाहर भागने वाला था। उसी दौरान सेखुई के बंगहा टोला के पास से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिसकर्मियों की लापरवाही का उठाया फायदा
गैंगरेप के आरोपी गोविंद ने पुलिसकर्मियों की लापरवाही का फायदा उठाया। गौरीबाजार थाने के दरोगा राममूरत राम , हेड कांस्टेबल धर्मराज यादव और कांस्टेबल अशोक कुमार गोविन्द को लेकर 2 फरवरी को कोर्ट पहुंचे। न्यायालय परिसर में पुलिस उसको लेकर खड़ी थी। इसी बीच किसी कारण देरी हुआ तो पुलिसकर्मी अभियुक्त के साथ एक स्थान पर बैठ गए। इसी बीच पुलिस कर्मी और आस पास के लोगों से वह बात करने लगा। उसी एक पुलिस कर्मी मोबाइल में व्यस्त हो गया और अन्य दोनों पुलिसकर्मी किसी से बात करने लगे। पुलिस कर्मियों को व्यस्त देख गोविंद वहां से पीछे हटा। जब उसने देखा कि कोई उसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा है तो वहां से फरार हो गया।




