24 घंटे पंजीकृत डॉक्टर की उपलब्धता नहीं मिलने पर कार्रवाई, सप्ताहभर में रकम जमा नहीं की तो लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी
कुशीनगर के निजी अस्पतालों में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं और निर्धारित मानकों की जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिले में 52 निजी अस्पतालों की जांच के दौरान सात अस्पतालों में 24 घंटे पंजीकृत चिकित्सक की उपलब्धता नहीं मिली। इस पर सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने संबंधित अस्पताल संचालकों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। विभाग ने एक सप्ताह में जुर्माना जमा नहीं करने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की चेतावनी दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अभियान में अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता, पंजीकरण, उपचार व्यवस्था और निर्धारित मानकों की जांच की गई। जांच रिपोर्ट और अस्पताल संचालकों के स्पष्टीकरण का मिलान करने के बाद सात अस्पतालों में अनियमितता की पुष्टि हुई। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए जुर्माने की कार्रवाई की।
जुर्माने की कार्रवाई आयुष्मान हॉस्पिटल कसया, शांति लाइफ केयर हॉस्पिटल कसया, नवजीवन ज्योति खिरकिया पडरौना, सोनमती हॉस्पिटल कसया, दीन दयाल हॉस्पिटल कसया, सरवरी बेगम हॉस्पिटल कसया और फातिमा हॉस्पिटल सपहा रोड पर की गई है।
18 अस्पतालों को मिली क्लीन चिट
जांच के दौरान 18 अस्पतालों में व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप मिलीं। इन्हें विभाग की ओर से क्लीन चिट दी गई है। वहीं, अनियमितताएं पाए जाने पर दो अस्पतालों के खिलाफ सील की कार्रवाई भी की जा चुकी है। सीएमओ ने कहा कि निजी अस्पतालों में मरीजों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। मानकों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
सच्चिदानंद हॉस्पिटल की NICU सेवा स्थगित
एक दिन पहले कप्तानगंज स्थित सच्चिदानंद हॉस्पिटल की एनआईसीयू सेवा भी स्थगित की गई थी। यहां 24 अगस्त को चार दिन की नवजात बच्ची की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। जांच में उपचार के दौरान निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई। विशेषज्ञ टीम की रिपोर्ट के आधार पर जिला पंजीकरण प्राधिकरण ने एनआईसीयू सेवा स्थगित करने की कार्रवाई की। संबंधित चिकित्सक के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
फरहान हॉस्पिटल पर 50 हजार का अर्थदंड
तमकुहीराज क्षेत्र के फरहान हॉस्पिटल पर भी स्वास्थ्य विभाग ने 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। यहां 43 वर्षीय आतिया परवीन का एक अप्रैल को ऑपरेशन हुआ था। करीब दो महीने बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें केजीएमयू, लखनऊ रेफर किया गया, जहां छह जून को उनकी मौत हो गई। परिजनों की शिकायत पर हुई जांच में जांच अधिकारी ने संबंधित चिकित्सक डॉ. मुकेश यादव की उपचार में लापरवाही की पुष्टि की। इसके बाद जिला पंजीकरण प्राधिकरण ने अस्पताल संचालक पर अर्थदंड लगाया। चिकित्सक के खिलाफ मेडिकल काउंसिल स्तर से जांच और नियमानुसार कार्रवाई के लिए भी पत्र भेजा गया है।
Author: Anoop k. Yadav
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