
देवरिया।केंद्र सरकार के हिट एंड रन के नए कानून को लागू करने के विरोध में जिले के ट्रक, टैक्सी, बस और टैंपो चालक सोमवार से ने तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए। इसके चलते शहर से लेकर गांव तक के स्टैंडों पर सभी तरह वाहनों के पहिए रुक गए। कहीं पर भी बस, जीप, टैम्पो, बोलेरो के अलावा ट्रक-टैंकर भी नहीं चले। ऐसे में नव वर्ष पर घरों से निकले लोग बीच रास्ते में फंस गए। आंदोलन को लेकर कोई प्रशासनिक इंतजाम नहीं होने के चलते स्थिति काफी विकट हो गई।
ऑल इंडिया ट्रक चालक संघ ने एक जनवरी से तीन जनवरी तक हड़ताल का आवाह्न किया है। ट्रक चालकों की आंदोलन के समर्थन में देवरिया जिले के रोडवेज चालक, अनुबंधित बस चालक , टैक्सी चालक, टैंपो और ई रिक्शा चालक भी हड़ताल पर चले गए। देवरिया रोडवेज के अनुबंधित चालक संघ ने गाड़ियों को रोडवेज में खड़ी कर प्रदर्शन किया। भटवलिया चौराहे पर अन्य वाहनों के चालकों ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। ट्रक चालकों ने मालगोदाम पर गाड़ियों को खड़ा कर प्रदर्शन किया। गोरखपुर ओवर ब्रिज स्टैंड के चालक वाहनों को खड़ी कर प्रदर्शन कर रहे थे। चालकों का आरोप है कि सरकार उनके हित की नहीं सुन रही है। इस कानून से बहुत से चालक गाड़ी चलाना छोड़ देंगे। जिससे वह बेरोजगार होजाएंगे और उनका परिवार भूखमरी की कगार पर पहुंच जाएगा। गरीब चालक दुर्घटना होने पर सात लाख रुपया और दस वर्ष की कैद में जेल चला जाएगा। इस पर सरकार को सोचना चाहिए। सरकार इस पर ध्यान नहीं देगी तो आने वाले चुनाव में सरकार को इसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा। आंदोलन के चलते सड़क पर ट्रकों की कतार लगी रही। वाहनों के नहीं चलने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्राइवेट वाहन चालकों से मारपीट करते रहे हड़ताली
हड़ताल में शामिल चालक प्राइवेट वाहनों के चालकों से मारपीट करते रहे। शहर के भटवलिया, गोरखपुर ओवर ब्रिज, कसया रोड, भीखमपुर रोड, पुरवा चौराहा के साथ ही कस्बो में भी यही हाल रहा। सलेमपुर, रुद्रपुर, बरहज, तरकुलवा, बद्यौचघाट, लार, भागलपुर, रामपुर कारखाना,गौरीबाजार, भाटपाररानी, भिंगारी बाजार, भटनी समेत अन्य स्टैंड पर भी नोकझोंक हुई।
वाहनों के नहीं चलने से कई की छूट गई ट्रेनें
वाहनों के नहीं चलने से कई लोगों की ट्रेनें भी छूट गईं। बसों के नहीं चलने से गोरखपुर समेत अन्य स्थानों पर ट्रेन पकड़ने जाने वाले दर्जनों लोगों ने यात्रा निरस्त कर दिया। वहीं कुछ लोग अपने घरों से बाइक मंगा कर गोरखपुर के लिए रवाना हुए। कुछ लोग प्राइवेट वाहन से लिफ्ट मांग कर जा रहे थे।
बसों का संचालन नहीं होने से रोडवेज को 22 लाख की क्षति
हड़ताल के चलते अकेले रोडवेज की देवरिया डिपो को करीब 22 लाख रुपए की सोमवार को क्षति हुई। देवरिया डिपो में निगम और अनुबंधित की कुल सवा दो सौ बसें है। वर्ष के पहले दिन चालक रोडवेज पहुंचे और बसों को निकालने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच चालकों ने दूसरे जिले के चालकों के फोन से सूचना दिया कि केन्द्र सरकार के कानून के विरोध में हड़ताल है। इस पर अनुबंधित के चालक बसों को परिसर में खड़ी कर हड़ताल में शामिल हो गए। इसके चलते सभी बसें पूरे दिन खड़ी रहीं।
प्रशासन ने नहीं किया कोई ब्यवस्था
चालकों की हड़ताल को जिला प्रशासन ने काफी हल्के में लिया। जिसके चलते स्थिति विकट हो गई। कुछ चालक वाहन चलाना चाहते थे लेकिन पुलिस की सुरक्षा नहीं मिला तो हड़ताली उनके साथ मारपीट करने लगे। स्टैंडो पर पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं था। वहीं शहर में यातायात को सुचारु रखने में आरटीओ विभाग भी नाकाम रहा।




