देवरिया।
देवरिया जिले में जांच में फास्फेटिक उर्वरक का चार नमूना फेल हो गया है। इस पर जिला कृषि अधिकारी ने उर्वरक की चारों दुकानों के लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। पिछले रवी व खरीफ में कृषि विभाग के अफसरों ने फास्फेटिक खाद का 111 नमूना लिया था। इनमें से जांच में चार नमूना फेल होने पर जिला कृषि अधिकारी ने दुकानों पर कार्रवाई की है। जिन उर्वरक दुकानों का लाइसेंस निरस्त किया गया है वह बरहज, घांटी, सलेमपुर और भाटपाररानी की हैं।
शासन के निर्देश पर हर साल खरीफ और रवी सीजन में किसानों को नकली व मिलावटी उर्वरक की विक्री करने पर अंकुश लगाने को कृषि विभाग के अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा जिले के उर्वरक दुकानों पर औचक छापेमारी की जाती है। उनके द्वारा स्टाक रजिस्टर, विक्री रजिस्टर, रेट बोर्ड आदि की जांच की जाती है। उर्वरक की विक्री पीओएस मशीन से करने तथा किसानों को रसीद देने की भी जांच की जाती है। इसमें कमियां मिलने पर उर्वरक दुकानों को नोटिस दिया जाता है तथा किसी तरह की अनियमितता मिलने पर उनके दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया जाता है। पिछले रवी और खरीफ सीजन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा डीएपी, एनपीके सहित अन्य फास्फेटिक खाद का कुल 111 नमूना लिया गया था। सभी नमूनों की जांच करने को उसे प्रयोगशाला भेज दिया गया। इस महीने उर्वरकी नमूनों की आई जांच रिपोर्ट में चार दुकानों का नमूना फेल हो गया। यानि जांच में उसमें मिलावट पाया गया। जिले के बरहज, घांटी, सलेमपुर और भाटपाररानी के उर्वरक दुकानों का नमूना फेल हुआ है। प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय कुमार सिंह ने नमूना फेल होने वाले उक्त चारों दुकानों के उर्वरक लाइसें को निरस्त कर दिया है, जिससे वह आगे उर्वरक का उठान व विक्री नहीं कर सकें। जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि विभाग का पूरा प्रयास रहता है कि किसानों को किसी तरह नकली, मिलावटी उर्वरक न मिले। इसके तहत ही चार उर्वरक दुकानों का लाइसेंस निरस्त किया गया है।




