
देवरिया ।
बोर्ड परीक्षा के लिए बने केंद्रों पर आई आपत्तियों की जांच के लिए गठित मजिस्ट्रेटों की टीम को जिले में तीन दर्जन केन्द्र मानक विहीन मिले हैं। सबसे अधिक लम्बी दूरी की आपत्ति पड़ी थी जिसकी जांच में भी पुष्टि हुई है। स्कूलों की आपत्ति सही मिलने पर उनके केन्द्र के आस पास के स्कूल पर भेजने की संभावना बढ़ गई है। वहीं कुछ केन्द्र को निरस्त कर उसके स्थान पर दूसरे स्कूल को सेंटर बनाया जा सकता है।
जिले में हाई स्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षा के लिए 177 केन्द्र बनाए गए है। इस केन्द्रों को लेकर जिले के 356 विद्यालयों ने आपत्ति दिया था। इसमें सदर तहसील से 156, रुद्रपुर तहसील क्षेत्र से 13, सलेमपुर तहसील क्षेत्र के 119, बरहज क्षेत्र से 40 और भाटपाररानी क्षेत्र से 28 आपत्ति जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को प्राप्त हुआ था। आपत्तियों की जांच के लिए 3 और 4 दिसम्बर को सभी तहसील के एसडीएम को रिसीव करा दिया गया था। जांच कर रिपोर्ट 7 दिसम्बर तक डीआईओएस कार्यालय में जमा करा देना था। लेकिन जिले के किसी भी तहसील से जांच रिपोर्ट समय से डीआईओएस कार्यालय नहीं पहुंचा। शिक्षा विभाग के कर्मचारी तहसील के कर्मचारियों से सम्पर्क कर रिपोर्ट के बारे में जानकारी लेने लगे। इसके बाद एसडीएम ने टीम बनाकर स्कूलों की जांच में तेजी दिखाया। स्कूलों पर जाकर अधिकारी कक्षा, सीसी टीवी कैमरा, बैठने की व्यवस्था, स्कूल की दूरी समेत अन्य विन्दुओं की जांच कर रिपोर्ट को एकत्र करने लगे। इसके बाद जांच में तेजी दिखी। शनिवार को भी अधिकारी स्कूलों पर पहुंच कर जांच करते रहे। मजिस्ट्रेटो की जांच में कई केन्द्र मानक विहीन मिले है। जिसमें कुछ के पास बैठने का स्थान नहीं है और वहां भारी संख्या में छात्रों का सेंटर बनाया गया है।
वहीं कुछ विद्यालयों ने दूर के केन्द्र पर सेंटर भेजने का आपत्ति दिया था, जो जांच में सही मिला है। स्कूल से केन्द्र की दूरी 15 से 25 किलामीटर है। जिससे उम्मीद है कि दूर गए सेंटर को आस पास के कन्द्रों पर भेजा जा सकता है। वहीं कुछ स्कूलों के केन्द्र में हेरफेर किया जा सकता है। इसकी चर्चा विभाग में जोरो से शुरु हो गई है। आने वाले दिनों में डीएम के नेतृत्व वाली कमेटी में इसका निर्णय होगा। इसके बाद इसे बोर्ड को भेज दिया जाएगा।




