परंपरा के साथ खेल, शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होता है आयोजन; इस बार भी तैयारियां पूरी।पुलिस ने भी आयोजको को दिया सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा।
पिछले साल यादव टोले की मनमोहन झाँकी
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को केवल धार्मिक पर्व तक सीमित न रखते हुए कुशीनगर जिले के मथौली बाजार के यादव टोले पर इसे सामाजिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक समरसता के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। जन्माष्टमी के आयोजन में बिना किसी जातिगत भेदभाव के पूरे गांव के लोग सहभागिता करते हैं और पूरा गांव एक परिवार की तरह उत्सव में शामिल होता है।
आयोजन में धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ बच्चों और युवाओं के लिए खेल, शिक्षा, मनोरंजन तथा पारंपरिक और आधुनिक कार्यक्रमों का समावेश रहता है। आयोजकों का उद्देश्य जन्माष्टमी के माध्यम से सामाजिक एकता और आपसी सहयोग का संदेश देना है।
आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि मौजूदा दौर में त्योहारों में बढ़ते दिखावे और फूहड़ता के बीच ऐसे आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने का काम करते हैं। यहां धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मर्यादा और सांस्कृतिक परंपराओं को भी प्राथमिकता दी जाती है।
वर्ष 2025 के आयोजन की झांकियों के बाद इस बार 4 सितंबर को होने वाले जन्माष्टमी उत्सव को लेकर भी लोगों में उत्साह है।
आयोजकों ने कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए तैयारियां की हैं।
इस आयोजन से जुड़े एक सदस्य ने बताया कि इस बार गांव से दूर होने के कारण वह व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारियों के चलते भले ही वह गांव में मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनका मन जन्माष्टमी उत्सव और अपने गांव के लोगों के बीच ही रहेगा। आयोजकों ने लोगों से आयोजन में शामिल होकर एकता, भाईचारे और संस्कृति को मजबूत करने वाले इस उत्सव को सफल बनाने की अपील की है।
Author: A kumar
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