एसटीपी और जरूरी अभिलेख नहीं मिलने पर कार्रवाई, सभी वाहन पुलिस अभिरक्षा में सौंपे गए
हाटा (कुशीनगर)। खनन सामग्री के परिवहन में निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ खनन विभाग ने लगातार दूसरे दिन कार्रवाई की। हाटा कोतवाली क्षेत्र में हुई जांच के दौरान मोरंग-बालू और गिट्टी लदे छह ट्रकों पर करीब 4.50 लाख रुपये का चालान किया गया। कार्रवाई के बाद सभी वाहनों को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया। खनन विभाग की लगातार कार्रवाई से वाहन संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
जिला खनन अधिकारी देशराज सिंह ने बताया कि बुधवार और गुरुवार को विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच की। बुधवार को की गई कार्रवाई में करीब 2.22 लाख रुपये तथा गुरुवार को करीब 2.28 लाख रुपये का चालान किया गया। दोनों दिनों की कार्रवाई में कुल छह ट्रकों पर करीब साढ़े चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जांच के दौरान ट्रकों में लदी मोरंग-बालू और गिट्टी के परिवहन से संबंधित आवश्यक अभिलेखों की जांच की गई। इस दौरान कुछ वाहनों के पास एसटीपी (खनन परिवहन पास) उपलब्ध नहीं पाया गया। एसटीपी और अन्य जरूरी कागजात प्रस्तुत नहीं किए जाने के आधार पर विभाग ने नियमानुसार चालान की कार्रवाई की।
ट्रक चालकों के अनुसार अलग-अलग वाहनों की स्थिति और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर चालान की धनराशि निर्धारित की गई। एक चालक ने बताया कि उसके वाहन पर करीब 57,250 रुपये का चालान किया गया है। चालकों का कहना था कि वैध एसटीपी और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध होने पर ऐसी स्थिति नहीं बनती।
कार्रवाई के बाद सभी छह ट्रकों को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया। जिला खनन अधिकारी देशराज सिंह ने कहा कि खनन सामग्री का परिवहन निर्धारित नियमों के तहत ही किया जाना चाहिए। वाहन में खनन सामग्री के परिवहन से संबंधित वैध अभिलेख और एसटीपी होना आवश्यक है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खनन विभाग की कार्रवाई से हाटा क्षेत्र में बिना वैध दस्तावेज खनन सामग्री का परिवहन करने वाले वाहन संचालकों में खलबली मची हुई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन के मामलों में जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



