
देवरिया।
नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया की द्वितीय शनिवारीय कवि गोष्ठी दिनांक 13 जनवरी 2024 को प्रसिद्ध गीतकार सरोज कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। कवि गोष्ठी का आगाज़ चर्चित गीतकार दयाशंकर कुशवाहा के वाणी वन्दना मां शारदे भटके हम हमें रास्ते दिखलाइये से हुआ। उसके बाद गीतकार वीरेंद्र तिवारी मधुर ने अपने राष्ट्र गीत देशवा रखइह पिया सीमा पर जाइके से सबको भाव विभोर कर दिया। कवि गोष्ठी को आगे बढ़ाते हुए गीतकार दयाशंकर कुशवाहा ने अपने गीत कहीं चीख कहीं शहनाई है दुनिया की यही सच्चाई है से मानवीय विडंबना की तस्वीर खींची। इसके बाद भोजपुरी के गीतकार सौदागर सिंह ने फूल तो फूल है दिल भी अनुकूल रचना से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि गोष्ठी में उपस्थित कवि शैलेश चन्द्र नारायण त्रिपाठी ने है ध्येय यही जीवन का सबको ख़ुशी लुटाऊं मैं द्वारा अपने मन की इच्छा प्रकट की। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे गीतकार सरोज कुमार पाण्डेय ने हमरे जीयरा में उठेला तूफान बबुआ गीत से गोष्ठी को ऊंचाई दी। कवि इन्द्र कुमार दीक्षित ने अपनी रचना अलकावली कपोल श्रृष्टि पर उछल कूद करती है से कविता में नूतनता लाने का सार्थक प्रयास किया। गोष्ठी कौशल किशोर मणि एवं पुष्कर तिवारी ने भी अपनी रचनाओं को सुनाया जिसे काफी सराहना मिली। सभा के मंत्री डॉ अनिल कुमार त्रिपाठी ने उपस्थित कवियों एवं श्रोताओं के प्रति आभार प्रकट किया और इस कड़ाके की ठंड में उपस्थित होने के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर रमेश चंद्र त्रिपाठी, सुभाष राय, अनूप त्रिपाठी आदि गणमान्य उपस्थित रहे।




