
देवरिया। जिले के 48 केंद्रों पर समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी-2023 की प्रारंभिक परीक्षा रविवार को शांतिपूर्ण तरीके से हुई। दोनों पालियों में पंजीकृत कुल 20,763 परीक्षार्थियों में से 13,637 ने परीक्षा दिया। 7126 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा में अभ्यर्थियों को रिजनिंग और जीएस के प्रश्नों को छकाया तो गणित के सवालों ने उलझा दिया। परीक्षा को शांतिपूर्वक सम्पन कराने के लिए डीएम अखण्ड प्रताप सिंह और एसपी संकल्प शर्मा परीक्षा केंद्रों का जायजा लेते रहे।
जिले में आरओ, एआरओ की परीक्षा रविवार को दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली में प्रात: 9.30 से 11.30 बजे तथा द्वितीय पाली में 2.30 से 3.30 बजे तक आयोजित की गई। पहली पाली में कुल 20763 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिसमें से 13647 उपस्थित रहे। पहली पाली में 7116 छात्र अनुपस्थित रहे। पहली पाली में कुल 140 प्रश्न आए थे। इसके लिए दो घंटे का समय दिया गया था। द्वितीय पाली 2.30 से 3.30 बजे तक की परीक्षा में कुल 20763 परीक्षार्थियों में से 13637छात्रों ने परीक्षा दिया। दूसरी पाली में भी 71126 ने परीक्षा छोड़ दी। शाम की पाली में 60 प्रश्न आए हुए थे। परीक्षा देकर बाहर निकलने वाले छात्र पेपर की चर्चा कर एक दूसरे से प्रश्नों के उत्तर से मिलान करते रहे। सोंदा स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल में परीक्षा देकर निकले सलेमपुर के रहने वाले सचिन कुमार ने बताया कि सुबह की गणित के प्रश्न कठिन थे। वहीं शाम को हिन्दी का पेपर कुछ ठीक था। राजकीय इंटर कालेज पर परीक्षा देकर बाहर निकले कुशीनगर के रमेश कुमार सिंह ने बताया कि मैथ के सवालों ने काफी उलझाए रखा, जिसके चलते अन्य प्रश्नों पर कम समय देना पड़ा। फिहलाल पेपर अच्छा हुआ है। परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था व शांति बनाए रखने के उद्देश्य से भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। सुबह छात्राओं को लेकर अभिभावक जिला मुख्यालय पर पहुंचे थे, जहां पर वह केन्द्र के बारे में जानकारी के लिए दौड़ लगाते रहे। डीएम अखंड प्रताप सिंह और एसपी संकल्प शर्मा दिन दोनों पालियों में आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा का निरीक्षण करते रहे।
परीक्षा केंद्रो पर लगाया गया था जैमर
परीक्षा में किसी भी कार्मिक को मोबाइल व अन्य कोई इलेक्ट्रानिक डिवाइस ले जाना प्रतिबंधित किया गया है। परीक्षा केंद्र के 200 मीटर की परिधि में फोटो स्टेट की दुकान को न खोलने का निर्देश दिया गया है। वहीं परीक्षा केंद्र पर पहली बार जैमर लगाया गया था। जिससे परीक्षा के समय किसी का मोबाइल कार्य नहीं कर रहा था। जिससे नकल की संभावना तो कम रही। इसके साथ ही डीआईओएस कार्यालय के कर्मचारियों को सूचना लेने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
48 स्ट्रेटिक मजिस्ट्रेट और 16 सेक्टर मजिस्ट्रेट करते रहे निगरानी
समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी-2023 की प्रारंभिक परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए काफी कड़ाई बर्ती गई थी। परीक्षा के लिए बने 48 केंद्रो पर एक एक स्ट्रैटिक मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्र पर एक अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक की तैनाती किया गया था। वहीं एक परीक्षा केंद्र पर 50 प्रतिशत शिक्षक परिषदीय विद्यालयों के लगाए गए थे। परीक्षा को शांतिपूर्वक कराने के लिए जिले में 16 सेक्टर मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया थी।
सुबह ट्रेजरी से पुलिस सुरक्षा में केन्द्रों पर पहुंचा प्रश्न पत्र
आरो व एआरओ की परीक्षा को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन मुस्तैद रहा। सुबह पांच बजे ही ट्रेजरी, पुलिस और शिक्षा विभाग के कर्मचारी ट्रेजरी पर पहुंच गए थे। वहीं कोषाधिकारी के देख रेख में सुबह 6 बजे और दिन में 12 बजे सेक्टर मजिस्ट्रेट गोपनीय शील्ड पैकेट दिया गया। सेक्टर मजिस्ट्रेट शील्ड पैकेट लिफाफा को परीक्षा केंद्रो तक पहुंचाया। सेक्टर मजिस्ट्रेट ने केन्द्र व्यवस्थापक, अतिरिक्त केन्द्र व्यवस्थापक और स्ट्रेटिक मजिस्ट्रेट को प्रश्न पत्र सौंपा।




