देवरिया। बीएसए ने नगर समेत 15 बीआरसी पर तैनात 120 कर्मचारियों और संविदा कर्मियों के वेतन और मानदेय पर रोक लगा दिया है। सभी कर्मचारियों को बीईओ को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। बीएसए के अगले आदेश तक किसी कर्मचारी का वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा। इससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
सभी बीआरसी में संविदा पर चार-चार कर्मचारी तैनात हैं। इसके साथ ही चार चतुर्थ श्रेणी विभागीय कर्मी हैं। संविदाकर्मियों में एक ईएमआईएस, क्वालिटी कोआर्डिनेटर, सहायक कप्यूटर आपरेटर और एकाउंटेंट शामिल है। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग के चार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तैनात किया गया है। जो विभागीय कार्य को सम्पादित करते हैं। पिछले कुछ माह से बीआरसी पर विभागीय संचालित योजनाओं की प्रगति मानकानुसार नहीं है। संचालित योजनाओं की प्रगति एवं सूचना भी समय से नहीं उपलब्ध कराई जा रही है। बीएसए कार्यालय में सूचना समय से नहीं मिलने के चलते आलाधिकारियों को विभागीय बैठक में फटकार लगती थी। पिछले दिनों आलाधिकारियों की समीक्षा बैठक में जिले की प्रगति खराब मिली थी। इस पर बीएसए ने सभी बीईओ को सख्त निर्देश दिया कि डाटा का कार्य हर हाल में समय से पूरा कराया जाए। इसके बाद भी कार्य में तेजी नहीं आई। इसके साथ ही क्षेत्र के कुछ शिक्षकों ने भी ब्लाक संसाधन पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की शिकायत बीएसए से की थी। बीएसए ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिले के सभी ब्लाक संसाधन पर तैनात 60 संविदा कर्मचारी और 60 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का मानदेय और वेतन पर रोक लगाने का फरमान दे दिया। इसकी सूचना विभाग के कर्मचारियों को हुई तो हड़कंप मच गया। बीएसए ने सभी कर्मचारियों से उनके बीईओ को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। इस संबंध में जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) समग्र शिक्षा स्वप्नेश कुमार मंगलम ने बताया कि जिले के सभी ब्लाक संसाधन केन्द्र के कर्मचारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है।




