देवरिया। अब प्रत्येक परिषदीय स्कूल को दो-दो टैबलेट से लैस किया जा रहा है। इस टैबलेट की मदद से विद्यार्थियों की उपस्थिति के साथ-साथ योजनाओं की बेहतर ढंग से निगरानी हो सकेगी। अभी इन स्कूलों में उपस्थिति, मिड डे मील, पाठ्य-पुस्तक वितरण, पत्र व्यवहार व रखरखाव सहित 14 रजिस्टर डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेंगे। विभिन्न योजनाओं का किन-किन विद्यार्थियों को लाभ मिला, इसका रियल टाइम डाटा उपलब्ध हो सकेगा।
जिले में कुल 2121 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। पहले चरण में जिले के 1798 विद्यालयों को दो-दो टैबलेट उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय को 3304 टैबलेट उपलब्ध कराया गया था। जहां से डीसी ने सभी खंडशिक्षाधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराया है। जहां से प्रत्येक दो टैबलेट स्कूलों में वितरण किया जाएंगा। शेष स्कूलों के लिए टैबलेट दूसरे चरण में भेजे जाएंगे। इस टैबलेट में स्कूलों के रजिस्टर तो डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेंगे ही बल्कि शिक्षकों को इसके माध्यम से ऑनलाइन पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। सरल एप सहित कई जरूरी एप इस पर मौजूद रहेंगे। स्कूलों में एक टैबलेट प्रधानाध्यापक और दूसरा टैबलेट वरिष्ठ शिक्षक के पास रहेगा। टैबलेट पर बायोमेट्रिक उपस्थिति की भी व्यवस्था है। यानी किस-किस विद्यार्थी को पाठ्य पुस्तक सहित विभिन्न लाभ मिल रहे हैं, उसका पारदर्शी सत्यापन हो सकेगा। विद्यार्थियों के आधार कार्ड को लिंक किया जाएगा। फिलहाल, शिक्षकों की उपस्थिति के लिए अभी कोई व्यवस्था इस टैबलेट के माध्यम से दर्ज करने की नहीं है। विद्यार्थियों के लिए भी बायोमेट्रिक की जगह प्रतिदिन स्कूल में उपस्थिति दर्ज करने के लिए यही व्यवस्था होगी।
सुबह प्रार्थना सभा की फोटो भी मंगवाई जाएगी और एक सॉफ्टवेयर के जरिए हेड काउंट भी किया जाएगा, जिससे ये निश्चित हो सके कि कितने बच्चे स्कूल आए हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश के हर स्कूल की जियो टैगिंग है। स्कूल का अक्षांश और देशांतर की भी फोटो के साथ दर्ज हो जाएगा। इससे कोई भी फर्जी फोटो नहीं भेजी जा सकेगी। वहीं किसी दूसरी जगह से यह हाजिरी नहीं लगाई जा सकेगी।
कोट———
विभाग को पहले चरण में टैबलेट आया है उसे वितरण किया जा रहा है। इसके लिए सभी खंडशिक्षाधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराया गया है। जो स्कूलों तक दो दो टैबलेट उपलब्ध कराएंगे।
शालिनी श्रीवास्तव, बीएसए देवरिया।




