38 साल से ज्यादा वायुसेना में सेवा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संभाली थी पश्चिमी वायु कमान की जिम्मेदारी; गांव में खुशी का माहौल
देवरिया। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया। मूल रूप से देवरिया जिले के बनकटा विकासखंड के भोपतपुरा गांव के रहने वाले जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति की खबर मिलते ही पैतृक गांव में खुशी का माहौल हो गया। ग्रामीणों और परिजनों ने एक-दूसरे को बधाई दी।
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक सेवाएं दे चुके हैं। वह 30 अप्रैल 2026 को एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पश्चिमी वायु कमान के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इससे पहले वह उप प्रमुख, एकीकृत रक्षा स्टाफ (ऑपरेशंस) समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान की संभाली कमान
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया था। उनके लंबे सैन्य अनुभव में ऑपरेशनल प्लानिंग, कमान, समन्वय और बड़े सैन्य प्रतिष्ठानों के प्रबंधन का अनुभव शामिल है। सैन्य सेवा के दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण सम्मान भी मिले हैं।
मिश्रा ने भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में फाइटर पायलट के रूप में अपना करियर शुरू किया था। वह फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट भी रहे। उनके पास 3,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव बताया जाता है।
भोपतपुरा गांव से रहा है नाता
परिवार के अनुसार, जितेंद्र मिश्रा का पैतृक गांव भोपतपुरा है। उनका परिवार लंबे समय तक दिल्ली में रहा। उनके पिता जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रोफेसर रहे। छोटे भाई देवेंद्र मिश्रा चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हैं।
पिता के निधन के बाद जितेंद्र मिश्रा वर्ष 2022 में पैतृक गांव भोपतपुरा आए थे। हालांकि सैन्य सेवा के कारण उनका अधिकांश समय देश के अलग-अलग हिस्सों में बीता। गांव में उनके चाचा रामप्यारे मिश्रा और अन्य रिश्तेदार रहते हैं।
चाचा बोले- देश सेवा के बाद अब प्रभु श्रीराम की सेवा
जितेंद्र मिश्रा के चाचा रामप्यारे मिश्रा ने उनकी नियुक्ति पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भतीजे ने भारतीय वायुसेना में रहकर लंबे समय तक देश की सेवा की है। अब उन्हें प्रभु श्रीराम से जुड़े कार्य की जिम्मेदारी मिली है। यह परिवार के साथ पूरे गांव और क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
5,585 आवेदनों में से हुआ चयन
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए व्यापक चयन प्रक्रिया अपनाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक इस पद के लिए 5,585 आवेदन मिले थे। जांच के बाद उम्मीदवारों को अलग-अलग चरणों में शॉर्टलिस्ट किया गया और अंत में तीन नामों का पैनल ट्रस्ट के सामने रखा गया। इसके बाद एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी।
CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्रा ट्रस्ट के प्रशासनिक और संचालन संबंधी कार्यों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति को राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को और व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भोपतपुरा में जैसे ही उनके राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बनने की खबर पहुंची, ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।



