जांच किट और प्रशिक्षित कर्मचारी के अभाव में मरीजों को नहीं मिल रही सुविधा, उद्घाटन के बाद कुछ ही दिन चला था हेल्थ एटीएम
तमकुहीराज, कुशीनगर। गरीब और ग्रामीण मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र पर ही तत्काल जांच की सुविधा देने के उद्देश्य से समउर बाजार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगाया गया हेल्थ एटीएम पिछले करीब पांच वर्षों से बंद पड़ा है। लाखों रुपये की लागत से लगाई गई मशीन जांच किट और प्रशिक्षित कर्मचारी के अभाव में शोपीस बनकर रह गई है। इससे क्षेत्र के मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पूर्व सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में एक कार्यक्रम के दौरान समउर बाजार पीएचसी में हेल्थ एटीएम का उद्घाटन किया था। उस समय स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों की ओर से बताया गया था कि मशीन के माध्यम से कम समय में करीब दर्जन भर स्वास्थ्य जांच की जा सकेंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिलने की उम्मीद जगी थी।
उद्घाटन के बाद ही आई तकनीकी खराबी
स्थानीय लोगों के अनुसार, हेल्थ एटीएम उद्घाटन के दिन ही तकनीकी खराबी का शिकार हो गया था। इसके बावजूद मशीन के साथ करीब 50 जांच किट उपलब्ध कराई गई थीं। ग्रामीणों का कहना है कि ये किट महज तीन दिन में समाप्त हो गईं। इसके बाद दोबारा जांच किट उपलब्ध नहीं कराई गईं और मशीन धीरे-धीरे बंद पड़ी रही।

प्रशिक्षित कर्मचारी भी नहीं, मरीजों को नहीं मिला लाभ
हेल्थ एटीएम के संचालन के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर प्रशिक्षित कर्मचारी की व्यवस्था भी नहीं की गई। ऐसे में मशीन उपलब्ध होने के बावजूद उसका नियमित संचालन नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के नाम पर मशीन तो लगा दी गई, लेकिन उसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया।
पांच साल से मशीन बंद होने के कारण ग्रामीणों को सामान्य जांच के लिए भी अन्य स्वास्थ्य केंद्रों या निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ता है। इससे गरीब मरीजों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ रहा है।
अधिकारी बोले- किट मिलते ही शुरू होगी जांच
तमकुहीराज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. हिमांशु मिश्र ने बताया कि हेल्थ एटीएम के लिए आवश्यक जांच किट उपलब्ध कराने को लेकर उच्चाधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच किट मिलते ही हेल्थ एटीएम के माध्यम से जांच की सुविधा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।
अब सवाल यह है कि पांच साल से बंद पड़ी लाखों रुपये की मशीन को दोबारा चालू कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग कब तक आवश्यक किट और प्रशिक्षित कर्मचारी की व्यवस्था करता है।




