
देवरिया।
कुछ दिनों पूर्व कलेक्ट्रेट परिसर में एक महिला अधिवक्ता के साथ डीडीसी के कोर्ट बाबू ने छेड़खानी किया था। इस मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने महिला की तहरीर पर लिपिक के विरुद्ध छेड़खानी का मुकदमा दर्ज किया है। घटना से अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है।
देवरिया सदर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला की रहने वाली एक महिला अधिवक्ता है । उन्होंने सदर कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि वह और उनके पति अधिवक्ता हैं । वह 22 फरवरी की शाम 4:15 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में अपने सीट पर बैठी थी। पति दीवानी न्यायालय में किसी कार्य से गए हुए थे। इसी बीच डीडीसी के कोर्ट बाबू मनीष श्रीवास्तव अपने मित्र के साथ वहां पहुंचे। वह महिलाअधिवक्ता को अकेले देख अश्लील हरकत करने लगा। महिला अधिवक्ता ने इसके बारे में अपने पति को फोन कर बताने की बात कही तो वह वहां से भाग कर एडीएम कार्यालय में जाकर बैठ गया। महिला ने इसके बारे में अपने पति को फोन से बताया। कुछ देर बाद महिला पति के साथ एडीएम कार्यालय में पहुंचे, जहां लिपिक बैठा हुआ था। लिपिक महिला अधिवक्ता से अपनी गलती मानते हुए माफी मांगने लगा। महिला उसके विरुद्ध कार्रवाई करने की चेतावनी दे रही थी।
इसी बीच मनबढ़ लिपिक ने महिला अधिवक्ता का हाथ पड़कर कुर्सी को बैठा दिया। इस पर अधिवक्ता ने एतराज किया तो उसने कहा कि मेरा कुछ नहीं होगा जो करना है कर लो। पीड़ित महिला ने घटना की तहरीर सदर कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में डीडीसी के कोर्ट लिपिक मनीष श्रीवास्तव के विरुद्ध धारा 354 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसी बीच मनबढ़ लिपिक ने महिला अधिवक्ता का हाथ पड़कर कुर्सी को बैठा दिया। इस पर अधिवक्ता ने एतराज किया तो उसने कहा कि मेरा कुछ नहीं होगा जो करना है कर लो। पीड़ित महिला ने घटना की तहरीर सदर कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में डीडीसी के कोर्ट लिपिक मनीष श्रीवास्तव के विरुद्ध धारा 354 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




