
देवरिया। जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। जिसमें परिषदीय विद्यालयों के पठन पाठन और विभाग के निर्माण कार्यो की समीक्षा किया गया। जिसमें जनपद स्तरीय अधिकारियों को स्कूलों का मासिक निरीक्षण बढ़ाने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही स्कूलों में छात्रों के लिए बनने वाले एमडीएम में कोई भी अनियमिता को बर्दाश्त नहीं किया जााएगा। इसमें जो भी शिथिलता बरतेगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा में स्कूल के पठन पाठन के बारे में जानकारी लिया। इसके साथ स्कूलों के निर्माण की प्रगति के बारे में पूछताछ किया। जिलाधिकारी ने विद्यालयों के चाहरदीवारी निर्माण कार्य को भी प्राथमिकता के साथ कराये जाने पर बल देते हुए कहा कि जिन विद्यालयों में अभी तक बाउन्ड्रीवाल का निर्माण नही हो पाया है, उसे शीघ्रता के साथ बनवाये। यदि इसमें कही कोई भूमि संबंधित समस्या हो तो उसे बीएसए जिला प्रशासन के संज्ञान में लाये, ताकि उसका समाधान कराया जा सके। उन्होंने मध्यान्ह्न भोजन को मीनू अनुसार बनाये जाने का भी निर्देश दिया एवं किसी भी प्रकार अनियमितता के लिए आगाह भी किया। उन्होंने विद्यालयों में किचन गार्डेन का रखरखाव एवं उसे और व्यस्थित किये जाने पर भी बल दिया। जिलाधिकारी ने सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्रान्तर्गत प्रभावी अनुश्रवण किये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण पठन पाठन कराना उनकी जिम्मेदारी है इसलिये वे विद्यालयों का निरीक्षण करते रहे, जहां कोई कमी मिले उसका प्रभावी तरीके से सुधार कराये इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नही होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक खंड शिक्षा अधिकारी माह में साठ, खंड विकास अधिकारी बीस तथा एडीओ पंचायत दस दस विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। इसके अतिरिक्त अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी भी विद्यालयों का निरीक्षण बढ़ाये।
बैठक में सीडीओ प्रत्यूष पांडेय, जिला विकास अधिकारी रविशंकर राय, परियोजना निदेशक, बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, डीएसओ, डीपीआरओ सर्वेश कुमार पांडेय, डीपीओ प्रोबेशन अनिल सोनकर, जिला समाज कल्याण अधिकारी जैसवाल लाल बहादुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकान्त राय, प्रधानाचार्य जीआईसी पीके शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




