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देवरिया। डायल 112 में तैनात हेड कांस्टेबल की हार्टअटैक से शनिवार की देर रात को मौत हो गई। जिला अस्पताल के चिकित्सकों की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव पुलिस लाइन लाइन पहुंचा, जहां पर पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पुलिस वैन से हेड कांस्टेबल का शव उनके पैतृक गांव के लिए रवाना कर दिया गया।
गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के कुरांव गांव के रहने वाले अशरफ अहमद (49) पुत्र स्व.एनुलहक 2 जून 1995 में पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर नियुक्त हुए थे। गाजीपुर जिले में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनकी पहली तैनाती कुशीनगर जिले में आरक्षी के पद पर हुई। इसके बाद उनकी अलग-अलग जिलों में तैनाती रही। बलरामपुर में तैनाती के दौरान वह हेड कांस्टेबल हो गए। 30 अक्तूबर 2023 को उनकी तैनाती बलरामपुर से देवरिया डायल 112 में हो गई। वह पुलिस लाइन स्थित डायल 112 के कार्यालय में तैनात थे। उन्हें पिछले कुछ वर्ष से किडनी में परेशानी थी। जिसका इलाज चल रहा था। वह सदर कोतवाली क्षेत्र के भटवलिया मोहल्ले में किराए के मकान में परिवार के साथ रह रहे थे। शनिवार की देर शाम को वह ड्यूटी स्थल से कमरे पर गए। जहां उनकी पत्नी रुख्साना खातून सब्जी काट रही थी। वह पत्नी से दूसरा काम करने की बात कहकर स्वयं सब्जी काटने लगे। इसी बीच उनका शरीर कांपने लगा और बेहोश हो गए। पत्नी के शोर मचाने पर आसपास के लोग उन्हें लेकर जिला अस्पताल पह़ुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हेड कांस्टेबल की मौत से घर में कोहराम मच गया। चिकित्सकों की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद कांस्टेबल के शव को पुलिस लाइन ले जाया गया। जहां पर पर एएसपी दीपेन्द्र नाथ चौधरी, लाइन सीओ अंशुमान श्रीवास्तव व अन्य पुलिस कर्मियों ने शव को कंधा व श्रद्धांजलि दी। हेड कांस्टेबल को सशस्त्र सलामी के बाद पुलिस वाहन से पार्थिव शरीर को पैतृक गांव के लिए रवाना कर दिया गया। इस दौरान पत्नी रुख्साना का रो रो कर बुरा हाल था। वह प्राइमरी स्कूल में शिक्षिका हैं।




