
देवरिया। बोर्ड परीक्षा केंद्रों को लेकर शुक्रवार की देर शाम डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कमेटी की बैठक हुई। जिसमें तहसील क्षेत्र में बने परीक्षा केन्द्र पर आई आपत्तियों का एसडीएम से चर्चा के बाद निस्तारण कर दिया गया लेकिन केंद्रों की फाइनल सूची को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका। जिलाधिकारी ने कुछ मानक विहीन बने केन्द्रों के स्थान पर दूसरे सेंटर बनाने का निर्देश दिया। अब डीआईओएस कार्यालय के कर्मचारी नए केन्द्र के लिए प्रपोजल बनाने में लगे हुए है।
जिले में हाई स्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षा के लिए 177 केन्द्र बनाए गए हैं। इस केन्द्रों को लेकर जिले के 356 विद्यालयों ने आपत्ति आया था। इसमें सदर तहसील से 156, रुद्रपुर तहसील क्षेत्र से 13, सलेमपुर तहसील क्षेत्र के 119, बरहज क्षेत्र से 40 और भाटपाररानी क्षेत्र से 28 आपत्ति को सभी तहसील के एसटीएम को जांच के लिए दिया गया था। जिला विद्यालय निरीक्षक ने भी जिले के विद्यालयों की जांच किया । डीएम के कैंप कार्यालय पर शुक्रवार की देर शाम आठ बजे जिला स्तरीय कमेटी की बैठक हुई। जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक ने केन्द्र को लेकर आई आपत्तियों की जानकारी समिति के समक्ष रखा। डीएम अखंड प्रताप सिंह ने सभी तहसील क्षेत्र के एसडीएम से आपत्तियों के बारे में जानकारी लिया। एसडीएम ने कुछ आपत्तियों को गलत बताया। वहीं कुछ आपत्ति में लगाए गए आरोप सही है। कुछ विद्यालयों को काफी दूर केन्द्र बना दिया गया है। कुछ विद्यालय मानक विहीन है। बैठक में एक-एक परीक्षा केंद्रों को लेकर चर्चा हुई। डीएम ने सभी को सख्त हिदायत दिया कि मानक विहीन विद्यालय परीक्षा केन्द्र हर हाल में नहीं बनने चाहिए। ऐसे केन्द्रो को हटा कर उनके स्थान पर दूसरे स्कूल को केंद्र बनाने का निर्देश दिया। इसके बाद डीआईओएस कार्यालय एक बार फिर कुछ नए केन्द्र बनाने के लिए तैयारी शुरु हो गई है। जिला स्तरीय बैठक लगभग एक घंटा चली थी। जिसमें
जिले में बन सकते हैं लगभग 30 नए परीक्षा केन्द्र
जिले में करीब 30 नए परीक्षा केंद्र बनाए जा सकते हैं। जिन विद्यालयों में संसाधन नहीं है, ऐसे विद्यालयों के स्थान पर दूसरे को केन्द्र बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रपोजल तैयार होने पर उसे अवलोकन के लिए तहसीलों के एसडीएम के पास भेजा जाएगा। एसडीएम उन स्कूलों की जांच करने के बाद अपनी सहमति देंगे, उसके बाद उन्हें केंद्र बनाया जाएगा। जिले में राजकीय, वित्त पोषित और वित्त विहीन के कुल 553 विद्यालय है। जिसमें 22 राजकीय हाई स्कूल, इंटर कालेज, 122 अशासकीय सहायता प्राप्त हाई स्कूल और इंटर कालेज और 409 वित्त विहिन मान्यता प्राप्त हाई स्कूल और इंटर कालेज है। बोर्ड परीक्षा के लिए जो 177 केन्द्र बने हैं उसमें 10 राजकीय, 110 वित्त पोषित और 57 वित्त विहीन विद्यालय हैं।




