
देवरिया। आयुष भंडार में सिविलियन पदों पर भर्ती कराने के नाम पर एक युवक ने आठ लोगों से 23 लाख रुपये ठग लिए। मामला सामने आने पर पीड़ितों की तहरीर पर पुलिस ने दो जालसाजों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम इंदौली निवासी रामजी गुप्ता के दो बेटे रंजीत और राहुल, लखीमपुर निवासी अविनाश गुप्ता और नितेश गुप्ता, तरकुलवा क्षेत्र के आशीष जायसवाल, गाजीपुर जिले के दुल्लहपुर निवासी अरविंद गुप्ता और अनुपम गुप्ता, तथा गोरखपुर के चौरीचौरा निवासी परमानंद गुप्ता को आरोपी ने सरकारी नौकरी का लालच देकर अपने जाल में फंसा लिया।
पीड़ितों का आरोप है कि भटनी क्षेत्र के बीरबल यादव, जो मध्यप्रदेश में चालक का काम करता है, ने जबलपुर निवासी संतोष दुबे से उनकी मुलाकात कराई। बीरबल ने संतोष को अपना घनिष्ठ मित्र बताते हुए भरोसा दिलाया कि वह आर्मी के आयुष भंडार (Ayush Bhawan) में सिविलियन पदों पर भर्ती करा सकता है।
संतोष दुबे ने सभी पीड़ितों को एक फर्जी विज्ञापन भेजकर कहा कि भर्ती पूरी तरह पक्की है, बस उन्हें छह-छह लाख रुपये देने होंगे—जिसमें तीन लाख रुपये पहले और तीन लाख नौकरी मिलने पर। इसी झांसे में आकर आठ लोगों ने मिलकर कुल 23 लाख रुपये आरोपी को सौंप दिए।
आरोप है कि संतोष दुबे कई महीनों तक ऑफर लेटर का झांसा देता रहा और कभी-कभी फर्जी दस्तावेज भी दिखाकर विश्वास बनाए रखा। लेकिन समय बीतने के बाद जब भर्ती की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो पीड़ित मध्यप्रदेश के रीवा जिले स्थित संतोष के गांव पहुँच गए।
वहाँ संतोष के भाई से उनकी मुलाकात हुई, जिसके बाद संतोष आग-बबूला हो गया और पीड़ितों को जान से मारने की धमकी देने लगा। इसके बाद पीड़ितों को समझ में आया कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं।
सलेमपुर कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संतोष कुमार दुबे और बीरबल यादव के विरुद्ध धारा 419, 420, 467, 468, 471, 406, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और बहुत जल्द ठगों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।


