देवरिया में दो दर्जन स्थानों पर आबादी के बीच हैं पटाखा गोदाम, हादसे को दे रहे हैं दावत

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देवरिया, । जिले में करीब दो दर्जन स्थानों पर आबादी के बीच में पटाखा का गोदाम बने हुए हैं। ऐसे में ये हादसे को दावत दे रहे हैं। पिछले कुछ वर्षो में जब भी अधिकारियों ने थोक कारोबारियों की गोदाम की जांच किया तो वहां पर निर्धारित क्षमता से अधिक पटाखा मिला था। यह हालात तब है जब जिले में पटाखा विस्फोट से कई घटनाएं हो चुकी हैं।
जिले में प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का पटाखा का कारोबार होता है। सबसे अधिक पटाखा की बिक्री दीवाली के समय होती है। इसके अलावा लग्न में भी पटाखा की मांग बढ़ जाती है। जिले का बार्डर बिहार से सटा हुआ है। कुछ लोग बिना अनुमति बार्डर के क्षेत्रों में पटाखा को स्टोर करते हैं। वहीं कुछ लाइसेंस लेकर पटाखा का कारोबार करते हैं। जिला प्रशासन और फायर ब्रिगेड ने जिले के अलग-अलग स्थानों के 23 दुकानदारों ने पटाखा बिक्री के लिए स्थाई लाइसेंस दिया है। इसमें देवरिया और सलेमपुर सर्किल में आठ-आठ, भाटपाररानी सर्किल में चार और रुद्रपुर की तीन दुकानें है। जिला मुख्यालय स्थित अधिकांश लाइसेंसी दुकानें आबादी के बीच में हैं। नगर पालिका क्षेत्र के रघवापुर, सिंधीमिल में दो, पुरवा में दो दुकानें शामिल है। जो आबादी के बीच में ही गोदाम बनाए हुए है।

जिले में पटाखा गोदामों में हो चुकी है घटनाएं
8 जुलाई 2010 में खामपार थाना क्षेत्र के भिंगारी बाजार के वकील मिया के गोदाम में आग लग गई थी। इसमें तीन लोगों की मौत हुई थी। जबकि आधा दर्जन इसमें झुलस गए थे। जिसमें शितारा पुत्री हलीम समेत तीन की मौत हुई थी। इसके बाद भी वकील मिया ने इससे सबक नहीं लिया। जब कि 28 मई 2015 को मईल थाना क्षेत्र के पिपरा मिश्र के मठिया टोला स्थित पटाखा गोदाम में आग लगी थी। इसमें दो लोगों की मौत हुई थी। जबकि तीन लोग झुलस गए थे। यहां आग बुझाने में फायर ब्रिगेड को सुबह से शाम को गई थी। 7 अक्तूबर 2017 को खामपार थाना क्षेत्र के भिंगारी बाजार में वकील मियां की पटाखा फैक्ट्री में भयंकर विस्फोट हो गया था। इस हादसे में वकील मियां(60) समेत चार की मौत हो गई थी। मृतकों में दो बच्चे और एक महिला शामिल थी। इसके अलावा एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई थी।

सख्ती के बावजूद पटाखा कारोबारी करते हैं मनमानी
अग्निशमन विभाग के बार बार निर्देश के बाद भी पटाखा कारोबारी मनमानी करते हैं। वह आबादी के बीच पटाखों का भंडारण करते हैं। जिससे लोगों के जीवन के साथ वह खेलते हैं। इसके लिए पुलिस और फायर ब्रिगेड बराबर अभियान चलाते हैं। लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं करने से इनका हौसला बुलंद रहता है। वर्ष 2019 में दीपावली के पूर्व फायर ब्रिगेड की टीम ने एक सप्ताह सप्ताह तक चेकिंग अभियान चलाया था। 23 में से 21 दुकानों की जांच किया था। टीम के सदस्यों ने बनकटा थाना क्षेत्र के सोहनपुर बाजार के गयासुद्दीन की दुकान चेकिंग किया था जो निर्धारित स्थान पर नहीं मिली। अग्निशमन विभाग ने शहर के तिलक रोड पर स्थित गोदाम में निर्धारित मानक से अधिक मात्रा में पटाखा रखा गया था। यहां अधिकारियों ने पटाखा को जप्त किया था।

चीनी मिल ग्राउण्ड पर इस बार लगेगी पटाखा की दुकानें
दीपावली को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा अस्थाई रुप से तीन दिनों के लिए पटाखा कारोबार के लिए लाइसेंस दिया जाता है। इस बार भी दुकानदार पटाखा दुकान लगाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए आने वाले कुछ दिनों में आवेदन प्रशासन द्वारा लिया जाएग। इस बार चीनी मिल ग्राउण्ड में दुकान लगाने की तैयारी है। पिछले वर्ष भी कुछ दुकानें लगी हुई थी। इसके साथ ही शहर के राजकीय इंटर कालेज, जीआईसी, बीआइडी इंटर कालेज में दुकानें लगी हुई थी। दुकान लागने के लिए कोतवाली पुलिस स्थान निर्धारित करती है।

कोट-
जिले में 23 स्थाई पटाखा स्टोर और गोदाम का लाइसेंस दिया गया है। समय समय पर इसकी जांच होती रहती है। जिले में सभी गोदामों को सुरक्षा के पर्याप्त उपकरण रखने का निर्देश दिया गया है। इसका अनुपालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में इसके लिए चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
देवानन्द, क्षेत्राधिकारी अग्निशमन देवरिया।

Ibn Bharat
Author: Ibn Bharat

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