देवरिया।
देवरिया जिले के फतेहपुर हत्याकांड में शामिल एक बंदी कुछ माह से जिला कारागार में बंद था। उसकी शनिवार की शाम मौत हो गई । कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बंदी की मौत से उसके घर पर कोहराम मच गया। बंदी बेटे के साथ जिला कारागार में बंद था।
रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में 2 अक्टूबर की सुबह हुए नरसंहार में 6 लोग की हत्या हो गई थी। इस मामले में शोभिता दूबे पुत्री सत्य प्रकाश दूबे की तहरीर पर रुद्रपुर पुलिस ने 27 नामजद और 50 अज्ञात के विरुद्ध हत्या समेत अन्य गंभीर धराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शेष अभियुक्तो की गिरफ्तारी के पुलिस छापेमारी करने लगी थी। पुलिस के बढ़ते
दबाव से अभियुक्त परेशान होने लगे।थकहार कर अमरनाथ तिवारी ने अपने बेटे पवन तिवारी के साथ न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। नवंबर माह से ही वह बेटे के साथ जिला कारागार में बंद थे। शनिवार की शाम अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। जिला कारागार के चिकित्सकों ने बंदी अमरनाथ तिवारी (63 ) पुत्र बसंत तिवारी निवासी फतेहपुर थाना रुद्रपुर की स्थिति गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बंदी रक्षक अमरनाथ तिवारी को लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे तो वहां तैनात चिकित्सकों ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया । इसकी सूचना सदर कोतवाली पुलिस को दी। सदर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अमरनाथ तिवारी की मौत की सूचना जेल के अधिकारियों ने उनके परिजनों व रुद्रपुर कोतवाली पुलिस को दी। बंदी की मौत से उनके घर को आराम मच गया ।
कोट-
फतेहपुर हत्याकांड में शामिल एक बंदी पिछले कुछ माह से जिला कारागार में बंद था। जिसकी शनिवार की शाम मौत हो गई । पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के कारण का पता चल सकेगा।
राजकुमार वर्मा, जेलर, देवरिया




