देवरिया। भलुअनी विकास खंड के जिगनी सोनहौली स्थित प्राथमिक विद्यालय का रास्ता कुछ लोगों ने बांस बल्ली लगाकर रास्ता को रोक दिया है। जिसके कारण स्कूल में दो दिनों से ताला लटक रहा है। स्कूल के शिक्षकों ने इसकी जानकारी बीईओ को दिया लेकिन गुरुवार को भी कोई अधिकारी गांव में देखने के लिए नहीं आया है।
बरहज तहसील क्षेत्र के जिगनी सोनहौली गांव में 1997 में प्राथमिक विद्यालय बना था। स्कूल बनने के बाद से एक रास्ता चलता था उसी से वाहन आते-जाते थे। वह रास्ता ग्रामीणों के खेत से होकर जाता था। वर्ष 2015 में कुछ लोगों ने उस सड़क को जोत कर खेत में मिला लिया। इसके बाद छात्र खेतों के मेड़ के रास्ते आने-जाने लगे। इस सत्र में स्कूल में 97 छात्रों का रजिस्ट्रेशन है। 21 दिसम्बर को बरहज के नायब तहसीलदार ने स्कूल की भूमि की पैमाइश किया तो कई लोगों की खेत में विद्यालय की भूमि निकल गई। राजस्व टीम ने निशानदेही के लिए पत्थर भी गड़वा दिया। प्रशासन ने अतिक्रमण वाले ग्रामीणों को खाली करने का नोटिस दे दिया। इससे कब्जा किए गए लोग नाराज हो गए और उन लोगों ने स्कूल को जाने वाले रास्ते को चारों तरफ से अवरुद्ध कर दिया। इसके साथ ही खेत के किनारे – किनारे स्कूल जाने वाले रास्तों को बांस बल्ली से घेर दिया। जो छात्र और शिक्षक मेड़ पकड़ कर स्कूल जाने की कोशिश कर रहे है तो ग्रामीण उनसे विवाद कर रहे हैं। वह छात्रों के पैर काटने की चेतावनी दे रहे है। जबकि स्कूल के शिक्षक दो कट्ठा भूमि देकर रास्ते की मांग कर रहे है। इसके बाद भी गांव के लोग मानने को तैयार नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल के पास एक व्यक्ति का आधा मकान सरकारी भूमि पर है, इसके बाद भी वह रास्ता देने को तैयार नहीं है। जिससे पिछले कुछ दिनों से स्कूल में ताला लटक रहा है। इसके बारे में शिक्षकों ने खंड शिक्षाधिकारी भलुअनी को इसके बारे में जानकारी दिया, लेकिन वह भी गांव में नहीं पहुंचे।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अजय यादव ने बताया कि विद्यालय पर जाने के लिए कोई मार्ग नहीं होने से बच्चों की संख्या और पठन-पाठन दोनो प्रभावित हो रहा है। विद्यालय के अगल बगल के काश्तकार हम लोगों के विद्यालय आने जाने पर अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हैं। हम लोग अपनी बाइक गांव के बाहर रख कर पैदल विद्यालय पर जाते है। उच्च स्तर पर प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।
पेड़ के नीचे बैठ समय काट रहे शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय तक जाने के लिए रास्ता नहीं होने से शिक्षक गांव में एक पेड़ के नीचे बैठ कर समय काट रहे हैं। इसके बाद भी कोई अधिकारी स्कूल का ताला खुलवाने के लिए नहीं पहुंच रहे है। गुरुवार को कुछ छात्रों को पेड़ के नीचे ही शिक्षकों ने पढ़ाया। स्कूल में तैनात शिक्षकों ने खंड शिक्षाधिकारी से खुद को दूसरे स्कूल में तबादला या संबंद्धता करने की गुहार लगाया है।
चुनाव में स्कूल पर ही बनता है बूथ
भलुअनी विकास खंड के जिगनी सोनहौली गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय को ग्राम प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत, विधान सभा और लोक सभा चुनाव में मतदान के लिए बूथ बनाया जाता है। स्कूल का रास्ता रोके जाने से शिक्षण कार्य प्रभावित है। इसी प्रकार आखिर लोग इस पर मतदान करने के लिए कैसे जाएंगे।
कोट-
भलुअनी विकास खंड के जिगनी सोनहौली स्थित प्राथमिक विद्यालय में कुछ दिनों से ताला बंदी होने के बारे में जानकारी नहीं है। भलुअनी बीईओ छुट्टी पर हैं। शुक्रवार को प्रकरण कर जांच कर कार्रवाई की जांएगी।
शालिनी श्रीवास्तव, बेसिक शिक्षाधिकारी, देवरिया।





