दर्जनों ‘मटका-माखन’ केक काटे; नृत्य, हास्य, खेल और सामान्य ज्ञान में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा। सरकारी इंतजाम नहीं, गांव ने खुद सजा दिया कान्हा का आंगन
कुशीनगर। मथौली नगर पंचायत के यादव टोले में जन्माष्टमी का उत्सव इस बार धार्मिक आस्था के साथ गांव की एकजुटता और बच्चों की प्रतिभा का भव्य मंच बन गया। आकर्षक सजावट, रोशनी, रथ पर सजे बाल कृष्ण, राधा-कृष्ण की झांकी, सामूहिक हरिकीर्तन और रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे टोले को कृष्णमय कर दिया। वहीं बच्चों की व्यंग्यात्मक प्रस्तुतियों ने सामाजिक कुरीतियों के साथ मनोरंजन के नाम पर बढ़ती अश्लीलता पर भी कटाक्ष किया। जन्माष्टमी उत्सव की आज विदाई होगी।
एक सप्ताह पहले शुरू हुई तैयारी, सजावट से बदल गया पूरा टोला
जन्माष्टमी की तैयारियां करीब एक सप्ताह पहले शुरू हो गई थीं। काली देवी मंदिर और आसपास के इलाके की साफ-सफाई के बाद कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हुईं। बच्चों और ग्रामीणों ने सड़कों पर कलात्मक चित्र बनाए। चूने की आकर्षक सजावट, टेंट और रोशनी से पूरा यादव टोला उत्सव के रंग में नजर आया।

मध्यरात्रि में जन्मे कान्हा, रथ पर निकलीं दोनों झांकियां
शाम को श्रीकृष्ण की छोटी प्रतिमा से सजे पारंपरिक डोल के साथ पूजन हुआ। महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाए और ग्रामीणों ने सामूहिक हरिकीर्तन किया। मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्म के साथ माहौल भक्तिमय हो गया।
गांव के एक बच्चे को बाल कृष्ण का रूप दिया गया। वासुदेव घोड़ों वाले रथ पर बाल कृष्ण को लेकर पहुंचे। दूसरे रथ पर राधा-कृष्ण की झांकी सजाई गई। मंदिर पहुंचने पर सैकड़ों ग्रामीणों ने जयकारों के साथ दोनों झांकियों का स्वागत किया।
मटका-माखन बने दर्जनों केक, बाल कृष्णों ने काटकर बांटा प्रसाद
झांकियों में शामिल बच्चों ने मटका-माखन के रूप में सजाए गए दर्जनों केक काटे। केक काटने के दौरान बच्चों और ग्रामीणों में खासा उत्साह रहा। बाद में केक को प्रसाद के रूप में ग्रामीणों में वितरित किया गया।
बच्चों के नृत्य पर तालियां, अश्लीलता पर व्यंग्य ने खींचा ध्यान
धार्मिक कार्यक्रम के बाद बच्चों ने नृत्य और हास्य प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन किया। सामाजिक कुरीतियों पर आधारित व्यंग्यात्मक कार्यक्रमों में बच्चों ने गंभीर मुद्दों को भी मनोरंजक अंदाज में उठाया।
मनोरंजन के नाम पर बढ़ती अश्लीलता पर किए गए व्यंग्य ने दर्शकों का खास ध्यान खींचा। बच्चों की प्रस्तुति ने संदेश दिया कि मंच मनोरंजन का हो सकता है, लेकिन संस्कृति और सामाजिक मर्यादा की सीमा भी जरूरी है।

गिट्टी डालकर छोड़ दी सड़क, बारिश में ग्रामीणों को हुई परेशानी
कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत की व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों के अनुसार जन्माष्टमी से काफी पहले सड़क और आयोजन स्थल को उखाड़कर गिट्टी डाल दी गई थी, लेकिन समय पर काम पूरा नहीं हो सका।
बारिश के बीच अधूरी सड़क और आयोजन स्थल की व्यवस्था से लोगों को परेशानी हुई। मंदिर की सजावट और अन्य तैयारियों में भी नगर पंचायत से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने की बात ग्रामीणों ने कही।
नगर की व्यवस्था का इंतजार नहीं किया, ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा
व्यवस्था अधूरी रहने के बावजूद ग्रामीणों ने आयोजन की भव्यता कम नहीं होने दी। युवाओं से लेकर बुजुर्गों और बच्चों तक सभी ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी संभाली। आपसी सहयोग से आयोजन स्थल को सजाया गया और कार्यक्रम को सफल बनाया गया।ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी व्यवस्था जहां अधूरी रह गई, वहीं गांव की एकजुटता ने उसकी कमी पूरी कर दी।
पढ़ाई से खेल तक बच्चों का मंच, सामान्य ज्ञान परीक्षा भी हुई
आयोजन में बच्चों के लिए सामान्य ज्ञान परीक्षा और विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं भी कराई गईं। बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार जन्माष्टमी के जरिए बच्चों को धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव के साथ अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी दिया जाता है।
गुलाल उड़ाते, गीत गाते आज मां चेड़ा देवी मंदिर पहुंचेंगे ग्रामीण
जन्माष्टमी की आज विदाई होगी। ग्रामीण गीत-संगीत और निर्धारित वाद्य यंत्रों के साथ करीब एक किलोमीटर दूर मां चेड़ा देवी मंदिर पहुंचेंगे। यहां कृष्ण प्रतिमा का विसर्जन कर गांव की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की जाएगी।
इस दौरान ग्रामीण एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर कान्हा को विदाई देंगे।
छठे दिन भंडारा, विजेताओं को मिलेगा पुरस्कार
आयोजन के छठे दिन पूरे गांव की ओर से भंडारे का आयोजन किया जाएगा। खेल और विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों व प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर गांव की पहचान बनी जन्माष्टमी
यादव टोले की जन्माष्टमी अब सिर्फ पूजा और झांकी तक सीमित नहीं है। यह गांव की एकता, संस्कृति, आपसी सहयोग और बच्चों की प्रतिभा का वार्षिक उत्सव बन चुकी है। इस बार भी नगर पंचायत की अधूरी व्यवस्था के बीच ग्रामीणों की एकजुटता और मेहनत ने आयोजन को भव्यता प्रदान की।
Author: A kumar
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